गणतंत्र दिवस 2018     


Poems : Special days26-Jan-2018


शुभ हो सबको ये गणतंत्र,
हों सब खुश, यही है मंत्र |
भावनायों का हो सम्मान,
तभी बढ़ेगा देश का मान |
जाति, धर्म सब समझो एक,
एक है ईश्वर, देश है एक |
मेरे धर्म का नाम है भारत,
बचपन से है इसकी आदत|

राष्ट्रगान है प्रार्थना,
देव मेरा तिरंगा,
इसके तले ऐसा लगे,
नहा ली जैसे गंगा||

– सुनील जी गर्ग

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