Holi 2019     


Poems : Festivals20-Mar-2019


रंगमय जीवन रहे सदा,
यही सन्देसा होली का |
कड़वी बोली जायो भूल,
त्यौहार ये मीठी बोली का||

स्वाद भी सारे इसमें है,
गुंजिआ, नमकीन या काँजी |
रिश्ते सारे होते हैं मधुर,
भाभी, साली हो या भांजी ||

रंग सूखा या गीला हो,
पर समां महकना चाहिए |
गाना ठुमरी हो या दादरा,
पर तन तो झूमना चाहिए ||

पर असली बात भी समझनी है,
सारे साल लेनी है उत्साह की ये गोली |
स्वाद, रिश्ते, रंग सब रखना है बनाये,
सच में होली वो जो कभी न हो ली ||

शुभ होली

– सुनील जी गर्ग एवं परिवार की ओर से

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