नववर्ष 2018 (मित्रों के लिए)     


Poems : Special days01-Jan-2018


नए/पुराने दोस्तों,

नए साल पर भी दुआ में याद रखना,
हमारे जिक्र का जुबाँ पे स्वाद रखना |
नए साल की बधाई को पैगाम समझना,
जल्दी मिलने की आरजू दिल में है न ||

सुनील जी गर्ग

Tags: ,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

|