बड़े मामाजी को भावभीनी श्रद्दांजलि     


Poems : Tributes03-Oct-2018


सब प्रश्नों के उत्तर देकर
मौन आज वो सो रहे
ओज आपका रौशन अब भी
काहे हम सब रो रहे

आपने दी प्रेरणा सबको
आप केंद्र के सूरज थे
आप से रौशन थे हम सब
आप प्रेम की मूरत थे

सबको ढाढस देते थे
जब आती थी कठिनाई
आज हमें अब कौन संभाले
आपकी जब घड़ी आई

पर आपने सबको सब कुछ
खूब ठीक सिखाया है
आप कहीं भी रहे, हमें पता है
हमारे साथ सदा आपका साया है।

इच्छा शक्ति के धनी जीवन युद्ध के एक महान सेनानी मेरे बड़े मामाजी को मेरी भावभीनी श्रद्दांजलि

सुनील जी गर्ग

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