नहीं है कमी     


Poems : Shayari23-Jul-2019


शबे गम या सहरे हंसी
गुजरते पल थोड़े से यूँ ही,
ख़ाली पैमाने मगर नहीं है कमी
पैरों के नीचे अभी पूरी है जमीं ।

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