यूं थी माँ     


Poems : Self Flows23-Jul-2019


कभी खुद पापा सी बनकर,
कभी दिखाती थी पापा के आने का डर
मेरी माँ भोली थी जानती न थी
बन चुका था मैं कितना ढीट अजगर

खुद अपनी मर्ज़ी की आदत बचपन से थी
माँ जानती थी कोई दोस्त न बन पायेगा मेरा
कंबाइंड स्टडी भी कर लेती थी साथ मेरे
टाइम भी काट देती थी खेलकर लूडो वगेरा

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