अब हैं नहीं     


Poems : Shayari24-Jul-2019


सांसें किसी की किसी के पास
किसी को कुछ और सांस की आस
कोई ज़्यादा पाया है फिर भी उदास
अपने पास हैं नहीं इसीलिए बिंदास

सांस निकलने के बाद आत्मा ने लिखी हो जैसे ये कविता

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