उम्र और दूरी     


Poems : Romance11-Jan-2020


चाहत, तम्मन्ना, मोहब्बत,
अभी छूटी कहाँ है आदत |
चखी नहीं है मदिरा कभी,
क्योंकि आप जो हैं इतने मादक ||

हमें लिखने में करने में,
दोनों में आती है शरम |
मगर आपको आती होगी,
ये निकला हमारा भरम ||

सारे सच झूठ की सीमायें ,
यहीं पर शुरू, यहीं पर ख़तम |
जी हाँ, आप जब से बने हो,
हमनवां, हमसफर, हमकदम ||

वो और हैं जो समझते हैं इनको,
फालतू की बातें पूरी की पूरी |
दरअसल, धीरे धीरे मचलती है दुनिया,
उम्र के साथ जब घटती जाती है दूरी ||

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