बचते ला-मज़हबी     


Poems : Shayari27-Jan-2020


कौन कैसे करेगा इबादत,
आता है अब बादशाह का फ़रमान|
ला-मज़हबी कुछ लोग बेचारे ,
बचाते फिर रहे हैं अपनी जान ||

ला-मज़हबी = aethist (ईश्वर में विश्वास न करने वाला)

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