विचार शक्ति     


Poems : Self Flows29-Nov-2011


काम हो या न हो,
बंधी तो रहनी चाहिए आस |
सफलता से ज्यादा जरूरी है,
मन न हो जाये उदास |

बातें करो न करो ,
मुस्कान तो बिखेरा करो |
उजाला क्या होता है, पता नहीं तुम्हें तो ,
कम से कम न अँधेरा करो |

सोचा बहुत कि न लिखें तुम पर ,
हाथों को बार बार रोका |
ऊँची हस्तियों पर लिखते आये थे सदा ,
कहीं तुम्हें ऊँचे हो जाने का न हो जाये धोखा |

लगता है मकसद को बढ़ाना पड़ेगा ज़रा,
कुछ और तालों कि ढूंढनी होगी चाभी |
हम ये कर पायेंगे पता है,
सुधर जायेगा भविष्य हमारा भी तुम्हारा भी |

सुविचारों कि ताकत आजमाएंगे तुम पर ||

सुनील जी गर्ग
नौचंदी एक्सप्रेस, इलाहाबाद से लखनऊ
२९-११-२०११
९.३० शाम

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