दोनों जहाँ के सरताज गुप्ता सर

17-Aug-2022

प्रोफेसर, टीचर, मास्टर या
सच्चे दोस्त थे मेरे गुप्ता सर
उत्साह भरी मुस्कुराहट से
दिल में बसते थे गुप्ता सर

राज़ बाँटते, सलाह भी लेते
मिटा देते थे उम्र का फ़ासला
उनको देख भर लेने से मुझे
काफ़ी बढ़ जाता था हौसला

अपनी पर्सनल डायरी में अक्सर
उनकी कई बातें लिखता था मैं
कई कई दिन नहीं भी मिलते थे
पर उनके बारे में सोचता था मैं

सुबह बजने वाली घंटी दरवाजे की
माँ के साथ होने वाली उनकी चर्चा
कभी खेती, कभी राजनीति की
किचन गार्डन से बचता उनका खर्चा

यादों की किताब काफी मोटी है
अभी बस थोड़े में सलाम लिखता हूं
आपके अनंत सफर पर सर जी
थोड़ी भावनायें आपके नाम लिखता हूं

पूज्य एम. एस. गुप्ता सर को श्रद्धांजलि

– सुनील जी गर्ग

भारत की स्वतंत्रता की हीरक जयंती

15-Aug-2022

देश अनोखा दुनिया में ये
इंडिया, भारत, हिंदुस्तान
तुलना करके देख ले कोई
सबसे ज़्यादा यहाँ सम्मान

वेद, उपनिषद यहाँ की थाती
व्यास, शंकराचार्य से विद्वान
भगवद्गीता के परम उपदेश
विवेकानंद ने बिखेरा ज्ञान

चरक, सुश्रुत सम चिकित्सक
पतंजलि का है योग महान
रामानुज और आर्यभट्ट ने
सदियों पहले दिया विज्ञान

ये देश निरंतर रहा अग्रसर
यहाँ आये मुग़ल या वो अंग्रेज
शिवाजी, प्रताप या वीर सुभाष
लक्ष्मीबाई ने दिखलाया तेज

एक ही गाँधी, एक ही पटेल
नेहरु, अम्बेडकर एक ही थे
आज़ादी के नायक सब थे
हर जन मानस यहाँ एक ही थे

आज़ादी आई आधी रात
पंद्रह अगस्त सैंतालिस को
तब से खूब तरक्की कर ली
समझा कंप्यूटर की बिट्स को

ऐसे गुजरे साल पचहत्तर
देश निरंतर हुआ जवान
मसले सारे हल हो चले अब
पा गए अपना घर भगवान्

अब नयी मंजिलें दिखती हैं
यहाँ के युवा मतवालों को
चाँद पर लेकर जायेंगे ये
अब अपने भारत वालों को

कोई हम पर शक न करना
कोई आँख दिखाना न
शान्त हैं हम कमजोर नहीं
सीमा पर हमारी आना न

आज हमारा सीना चौड़ा
गर्व से फ़हराया है तिरंगा
आशीर्वाद प्रकृति देती है
पिता हिमालय और माँ गंगा

भारत की स्वतंत्रता की हीरक जयंती पर सबको शुभकामनायें

– सुनील जी गर्ग