इप्शिता-सुनील के विवाह की काव्य रिपोर्ट

February 25, 2019

मेरी तरफ से धन्यवाद के रूप में प्रस्तुत है ये रचना – इक वो जगह थी बड़ी अनोखी, जहाँ मिले इप्शिता, सुनील। मधुर बने, रसोगुल्ले जैसे, रिश्ते हुए और हसीन || रिश्ते हुए और हसीन, नवाज़िश थे अशु असीम | मकरंद, वंदना हाज़िर थे सदा, अनाहिता ने बनाई थी थीम || गाकर सजीली महफिल में, […]

अनिमेष अदिति के विवाह पर

December 6, 2017

बड़े ख़ास ये दूल्हा दुल्हन, कोई न इनका सानी, सम्राट अनिमेष, महारानी अदिति, नए ये राजा रानी | नए ये राजा रानी, करेंगे सबके दिल पर राज, खुशियाँ ऐसी सदा ही बरसें, जैसी बरसीं आज | युगल ये भ्रमण करेगा दुनिया, ऐसा है अंदाज़, दूल्हा ये पक्का उठा सकेगा, दुल्हनिया के नाज़ | आशीर्वाद बड़ों […]

अनिमेष-अदिति रोका

April 23, 2017

अनिमेष अदिति जुड़कर आज करते सबकी पूरी मुराद शुरू से लेकर आज तलक तक सारी घड़ियाँँ आती याद याद मुझे है जनम तुम्हारा खुशहाल थी वो अवध की शाम याद तुम्हारा पहला खिलौना याद तुम्हारी हर मुस्कान आँख के तारे रहे सदा से घर की थे पहली संतान पालने में दिखा भविष्य घूमोगे तुम सारा जहान […]

एस. सी. गर्ग साहेब के प्रपोत्र के विवाह पर

January 27, 2017

आपका जीवन रहे सँवरा सँवरा स्वीकारें ये बधाई पत्र हमरा आ न सके चाहते हैं क्षमा आपकी खुशियों के लिए मांगते हैं दुआ ||