जन्माष्टमी 2022

August 19, 2022

बाल कृष्ण, राधा के कृष्ण राजा या उपदेशक कृष्ण मीरा के या सुदामा के कृष्ण हर रूप दिखें बस कृष्ण कृष्ण रिश्तों की समझ का नाम कृष्ण हैं मन के सच्चे भाव कृष्ण जीवन में सच्चिदानंद कृष्ण थोड़े से भजन से दिखें कृष्ण भक्ति करो, या करो दोस्ती सब स्वीकार करते हैं कृष्ण जितना प्रेम […]

आज यूं मनी होली 2020

March 10, 2020

आज यूं मनी होली। कुछ नमस्ते करते थे, कुछ राधे राधे, कुछ गले पड़ कर मिल भी लिए ठंडाई कांजी भी चली खूब खूब सैनिटाज़र भी दिखा धोने के लिए।। जब गीत गाये तो उनमें भी आ गयी उमंग, चुन्नी भी भीगी जब मग से उड़ेला पानी। होली की मैं धीरे धीरे चढ़ी दीवानों को, […]

होली 2020

March 9, 2020

कुछ अलग है होली अबकी बार, गले मिलने से डरते हैं लोग । नमस्कार कीजिए मन मिलाइए, मन मिले तो भाग जाते हैं रोग।। वैसे रंग नये नये हैं बाज़ार में, रंग इंसान में भी कई होते हैं। नयी फ़सल का भी आया है मौसम, हम वही काटते हैं जो बोते हैं ।। नए मौसम […]

मकर संक्रांति 2020

January 14, 2020

खिचड़ी खाओ मौज मनाओ शुरू हुए शरद त्यौहार ऊँची ऊँची पतंग उड़ाओ जल्द आएगी बसंत बहार सभी की मकर संक्रांति की शुभकामनाएं

क्रिसमस 2019

December 25, 2019

क्रिसमस क्रिसमस मैरी क्रिसमस हो जाओ अब टस से मस जाड़ा माना कुछ ज़्यादा है कहती रजाई हिलना मत पर दुनिया देखो रंग बिरंगी जरा चलो बाहर होती जगमग कहीं प्लम केक खा लेना तुम सांता को मिलना गले से लग बस यूं ही दिन मस्ती में कटा मेरी छुट्टी से सबको मच मच तुकबंदी […]

दीपावली 2019

October 27, 2019

आओ दिए कुछ देवें उनको खुशियों के जिन्होंने पल थे दिए | रौशन जीवन जिनके संग से, जिनके संग लगा जिए तो जिए || वो दोस्त यार वो घर परिवार, वो गुरु, अनुज वो याद में संग | वो घर दफ्तर के साथ के लोग, जिनसे हर पल में भरा है रंग || वो रिश्ते […]

गणेश चतुर्थी 2019

September 2, 2019

गणपति ओ मेरे गणपति आते तो ज़िन्दगी निखरती बदलता मौसम बदलती धरती किस्मत भी अब लगे बदलती गजाननं लम्बोदर हो तुम तुम पर अर्पण पीत कुसुम तुम्हारी सज्जा को हैं अंजुम और समां में छिड़ी तरन्नुम अबकी धूम कुछ अलग मचाना नए भारत का नया हो तराना जात पाँत की सोच भगाना बंधें हों जो […]

जन्माष्टमी 2019

August 24, 2019

मेरे बच्चे मुझसे पूछते हैं कि पापा आप जन्माष्टमी क्यों मनाते हैं, उनको एक दार्शनिक जवाब। आशा है कुछ और बच्चों को भी समझ आएगा। जैसे जेल के ताले टूटे मन की मैं जायेगी टूट कृष्ण चेतना लेगी जन्म परम शक्ति में आस्था अटूट । परम यथार्थ ये जीवन अपना अंतरमन भगवान है पर मूरत […]

रक्षा बंधन 2019

August 15, 2019

अब रक्षाबंधन के लिए अलग से कविता पेश है| दुनिया में है सबसे अनोखा, भाई बहिन का ये त्यौहार | रिश्ते कैसे निभाये जाते, रक्षाबंधन भी एक विचार || एक विचार, पर वादे हैं कई, संग हसेंगे, संग जियेंगे | मन के बंधन देंगे खोल, पर एक सूत्र में बंधे रहेंगे || शुभ रक्षा बंधन

होली 2019

March 20, 2019

रंगमय जीवन रहे सदा, यही सन्देसा होली का | कड़वी बोली जायो भूल, त्यौहार ये मीठी बोली का|| स्वाद भी सारे इसमें है, गुंजिआ, नमकीन या काँजी | रिश्ते सारे होते हैं मधुर, भाभी, साली हो या भांजी || रंग सूखा या गीला हो, पर समां महकना चाहिए | गाना ठुमरी हो या दादरा, पर […]

दीपावली 2018

November 6, 2018

आओ मनाएं ऐसी दिवाली, कि राम चले आवें मन में | मन की शक्ति का राज हो, सादगी आये जीवन में || मर्यादा हम रोज़ तोड़ते, ये नहीं राम का राज्य है | धर्म की परिभाषा भूले, वाणी से किया विभाज्य है || कुछ दिन पहले रावण मारा पर और बड़ा पैदा किया | हरकतें […]

गणेश चतुर्थी 2018

September 13, 2018

गज का आनन जिसका, गणों के कहलाते पति | जिनका मिलता है आशीष, तो भ्रमित नहीं होती मति || गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं – सुनील जी गर्ग

जन्माष्टमी 2018

September 9, 2018

कृष्णा, कृष्णा ओ कृष्णा, मिटा हम सब की तृष्णा | कर दे हम सबका उद्धार, होवे शुद्ध आचार विचार || आपको, आपके परिवार, समस्त बन्धु बान्धव को शुभ जन्माष्टमी – सुनील जी गर्ग नोट: जन्माष्टमी के लिए एक फेसबुक पेज बनाया है, दर्शन करें. https://www.facebook.com/Janmashtami-742962202482487/  

होली 2018

March 2, 2018

हमारे एक आंचलिक मित्र ने कहा, आवा तो रंग लगाइल जावा, इह मोबाइलवा में का फुचुर फुचुर करा | आप बाल बच्चा सब खुस रहा हम तो खुस होइबे करी, हैप्पी होली सुनील जी गर्ग, शिखा गर्ग सोनाक्षी, शिवम्

दीपावली 2017

October 19, 2017

मेरी भी बधाई करें स्वीकार, आये इतने बड़े त्यौहार, दिवाली पर करूँ कामना, आई अब जाये न बहार ||

स्वतंत्रता दिवस 2017

August 15, 2017

आज स्वतंत्रता दिवस पर ये कविता लिखी आशा है पसदं आएगी देश सत्तर के हों या सत्तर हजार के, संस्कृतियाँ कभी बूढ़ी होती नहीं | आज़ादी नयी हो या पुरानी , ज़िम्मेदारी कभी पूरी होती नहीं || फर्क इतना है कि कोई करता है महसूस, कोई महसूस करके भी रखता है भुलाये | आज़ादी का […]

रक्षाबंधन 2015

August 9, 2015

A poem written for encouraging tree plantation on the occasion of Raksha Bandhan Festival.

होली 2014

February 26, 2014

Sent to Nav Bharat Times News Paper as Holi Poem.