दरख़्त -ए-ज़हर


अगर तुम बोओगे ज़हर के बीज ,
फिर वैसा ही निकलेगा दरख़्त |
कभी देखा है तुमने कभी,
कि मुआफ़ कर देता हो वक़्त ||


http://indyan.com/?p=364027-Jan-2020