दीपावली 2018     


Poems : Festivals06-Nov-2018


आओ मनाएं ऐसी दिवाली,
कि राम चले आवें मन में |
मन की शक्ति का राज हो,
सादगी आये जीवन में ||

मर्यादा हम रोज़ तोड़ते,
ये नहीं राम का राज्य है |
धर्म की परिभाषा भूले,
वाणी से किया विभाज्य है ||

कुछ दिन पहले रावण मारा
पर और बड़ा पैदा किया |
हरकतें कर डालीं ऐसी,
प्रदूषण ज्यादा किया ||

कोई शायद सुधरेगा कभी,
उम्मीद की बाकी है किरण |
अब कुछ मीठा भी हो जाए,
चलें गणपति और लक्ष्मी की शरण ||

दीपावली शुभ हो, प्रदूषण को अपनी तरफ से सीमित रखने के मन से प्रयास करें. धन्यवाद.

– सुनील जी गर्ग व् परिवार

 

 

 

Tags: , ,

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of
|